हिन्दी कहानियाँ (Hindi Kahaniya)

आज हम इस पोस्ट में एक hindi kahani पढ़ेंगे इस कहानी हमें में एक शिक्षा भी रहती है इस शिक्षा को जानने के लिए हमारी इस हिंदी कहानी को जरूर पढ़ें।

लालच बुरी बला है

एक गांव था तालाब के पास एक पंडित का घर था। तलाव के बाहर गांव के सामने एक शिव जी का मंदिर था। मंदिर में पंडित पूजा पूजा करता था। पंडित को एक दिन सोने का कलश मिला वह कलस सोने से भरा था वह सोचा या धान मेरा नहीं है इसलिए व अपनी पत्नी के पास आकर सारी बात बताया। उसकी पत्नी बहुत इमानदार थी उसकी पत्नी ने बोला यह धन जहां से उठाए हो वही रख दो। यह किसी दूसरे का होगा यह बात सुनकर उसके पड़ोसी का एक आदमी यह बात सुनकर वह अपने पत्नी को बताया उसकी पत्नी बहुत लालची थी उसकी पत्नी ने उसे तुरंत वहां भेजा और कलस लाने के लिए वह बोल दिया वह लालची और लोभी था। वह वहां कलस से लाया तो जब वह हाथ में पकड़ कर ले रहा था तो उसमें भयंकर बिच्छू और सांप निकालकर उस लालची आदमी को काट लिए। वह सोचने लगा की यह पंडित गुणानंद झूठ बोल रहा था इसका बदला मैं जरूर लूंगा और लालची आदमी बदला लेने के लिए उसके छत पर गया और उसके घर को खेत दिया और ऊपर चढ़कर कलश में गिरा दिया और वह सोच रहा था कि सारे बिच्छू और सांप इसके घर में चले जाएंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ वहां तो पूरा सोने का सिक्का ही ऊपर से गिरता हुआ दिखा और उसकी पंडित की पत्नी बहुत खुश हुई और उसकी पत्नी बोलती है लालच हमें नहीं करना चाहिए लालच करने से हमें हानि हो सकती है और यह बात कह कर वह बोलती है भगवान जब भी हमें देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है लालच करोगे तो धन का कोई लाभ नहीं है।


आशा है कि आप को यह कहानी पसंद आया होगा पसंद आया तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करे।

Post a Comment

Please Post Positive Comments & Advice

Previous Post Next Post