संवेग किसे कहते हैं? Sanveg Ka Sutra

यदि वस्तु के द्रव्यमान बराबर हो परंतु एक वस्तु अधिक वेग से चल रही हो तथा दूसरी वस्तु कम वेग से चल रही हो तो, अधिक वेग से चलने वाले वस्तु को रोकने के लिए अधिक बल लगाना पड़ेगा।स्पष्टता किसी गतिमान वस्तु को रोकने के लिए लगाया गया बल वस्तु के द्रव्यमान तथा उसके वे दोनों पर निर्भर करता है। इसी को तो संंवेग कहते है चलिए इसके बारे में थोड़ा और जानते है।

संवेग क्या है?


किसी वस्तु के द्रव्यमान तथा वेग के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग कहते हैं संवेग एक सदिश राशि है इसका SI मात्रक KG× m/s है। संंवेग को p से प्रदर्शित करते है। संवेग की दिशा वही होती है जो वेग की होती है।

उदाहरण- यदि कोई हल्की वस्तु तथा दूसरी भारी वस्तु समान वेग से चल रही है तो हल्की वस्तु को रोकने में कम बल लगाना पड़ेगा जबकि भारी वस्तु को रोकने के लिए अधिक बल का प्रयोग करना पड़ेगा।

संवेग का सुत्र

संवेग= वेग× द्रव्यमान

अर्थात् p=m×v

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