सभी जीव अपनी जीव की प्रजाति को बनाए रखने के लिए जनन करते है जनन दो प्रकार की होती है जिसमें से एक अलैंगिक जनन है। आप इस पोस्ट में अलैंगिक जनन के बारे में ही पढ़ेगे।

अलैंगिक जनन की परिभाषा
इस प्रकार के जनन में केवल एक ही जीव की आवश्यकता होती है इसमें युग्मक भाग नहीं लेता है। इस प्रकार के जनन में समसूत्री कोशिका का विभाजन होता है।
अलैंगिक जनन में निषेचन की आवश्यकता नहीं होती है। अलैंगिक जनन के बाद जो संतानें पैदा होती है वे अनुवांशिक गुणों में ठीक जनकों के समान होती है।
जैसे-अबीमा- अमीबा में दो युग्मक की आवश्यकता नहीं होती, अमीबा अपना जनन स्वयं का विभाजन कर करती है
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अलैंगिक जनन निम्न प्रकार की विधियों से होता है-
- मुकुलन
- विखंडन
- बीजाणु के द्वारा
- कायिक प्रवर्धन
- पुन:जनन


