हमारा झारखंड पर निबंध- Essay On Jharkhand in hindi (सरल भाषा में)

आज हम इस पोस्ट में झारखंड राज्य पर निबंध पढेंगे। झारखंड पर निबंध झारखंड के विद्यालयों के परीक्षाओं में लिखने के लिए आता है।

हमारा प्यारा झारखंड

झारखंड का परिचय- चारों तरफ पहाड़ियों एवं वनों से भरा हमारा राज्य झारखंड प्रकृति का मनोरम स्थल है। एक बार जो यहां आया फिर यहीं का होकर रह जाना चाहता है यहां की स्वर्णिम भूमि वन-संपदा से संपूर्ण है इसकी प्रकृति छटा अनूठी है।


झारखंड का राष्ट्रीय भाषा हिंदी है, और यहां का राजकीय पक्षी कोयल है, राजकीय पुष्प पलास है हर राजकीय जानवर हाथी है।




झारखंड का इतिहास- जंगलो से भरा इस प्रदेश को झाड़खंड नाम से संबोधित किया और आज नवोदित राज्य का नाम झारखंड हो गया। इसका इतिहास भी अत्यंत प्राचीन है ईशा के लाखो वर्ष पूर्व के पत्थर के हथियार बर्तन आदि यहाँ मिले हैं। पहले बिहार और उड़ीसा संयुक्त रूप में एक राज्य थे। 


झारखंड एक अलग राज्य- 1936 ईस्वी में बिहार और उड़ीसा अलग राज्य बन गया। बिहार के साथ झारखंड राज्य का विकास अच्छी तरह नहीं हो रहा था, इसलिए झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए झारखंड में बहुत दिनों तक आंदोलन चलता रहा और 15 नवंबर 2000 ई को बिहार से झारखंड अलग राज्य बना और झारखंड भारतीय गणतंत्र का 28वाॅ  राज्य बना। नए इस राज्य में 18 जिले थे बाद में झारखंड के 24 जिले बने। 15 नवंबर को झारखंड का जन्मदिवस और स्थापना दिवस मनाया जाता है।

झारखंड की चौहदी- झारखंड के उत्तर में बिहार, दक्षिणी उड़ीसा, पूर्व में पश्चिम बंगाल तथा पश्चिम में छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश है।

झारखंड का भूगोल- झारखंड का क्षेत्रफल 79514 वर्ग किलोमीटर है।  झारखंड की लंबाई 463 वर्ग किलोमीटर तथा चौड़ाई 380 किलोमीटर लगभग है झारखंड राज्य मैं 10253 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वन है झारखंड राज्य की सबसे लंबी नदी स्वर्णरेखा नदी है  झारखंड में पंचायतों की संख्या  4562 है  और जिलों की संख्या 24 है


झारखंड के पर्व त्यौहार- झारखंड में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं इसलिए यहां विभिन्न प्रकार के त्योहार भी मनाया जाते हैं। हिंदू यहां पर दशहरा, दीपावली, होली, रक्षाबंधन, रामनवमी इत्यादि मनाते हैं। मुसलमान ईद, बकरीद, मोहरम इत्यादि और ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस, गुड फ्राइडे तथा जैन धर्म के लोग महावीर जयंती और सबसे प्रमुख आदिवासी लोग सरहुल, करमा, बदनाम, टुसू आदि त्योहार मनाते हैं।


झारखंड एक अलग राज्य-  2001 ईस्वी की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी करीब दो करोड़ 69 लाख है इसके उत्तर में बिहार, पूरब में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में छत्तीसगढ़ और दक्षिण मेें ओडिशा है। झारखंड में 30 के करीब जनजातियां रहती है, जिनमें संथाल, मुंडा और उराॅव के तीन प्रमुख जनजातियां है। झारखंड में चावल और गेहूं दोनों फसलें होती है। आदिवासी चावल और पक्षियों के मांस में बेहद रुचि रखते हैं। यहाँ मदिरापान(शराब) का भी व्यापक रूप से प्रचलन है। देश में खनिज की दृष्टि से झारखंड अत्यंत महत्वपूर्ण है, यहां कोयला, लोहा प्रचुुर मात्रा में विद्यमान है। यहां उद्योग धंधे भी हैं मुख्य रूप से जमशेेदपुर, रांची में प्रमुख रूप से कारखाने उपलब्ध है। तांबा, क्रोमाइट, मैग्नीज और बॉक्साइट यहां प्रमुख रूप से पाए जाते हैं।


झारखंड की नदियाँ- झारखंड की नदियां बरसाती होती है इसलिए इनमें बरसात के दिनों में ही पानी होती है तथा यह गर्मी के दिनों में सूख जाता है। झारखंड की सबसे लंबी नदी स्वर्ण रेखा को कहा जाता है तथा दूसरी सबसे बड़ी नदी दामोदर है। दामोदर नदी को बंगाल का शोक भी कहा जाता है।

 

झारखंड का भूगोल- झारखंड का क्षेत्रफल 79,714 वर्ग किलोमीटर है और इसकी लंबाई 463 KM और चौड़ाई 380 KM लगभग है। झारखंड में पाँच प्रमंडल है-उत्तरी छोटानागपुर,दक्षिणी छोटानागपुर, संथाल परगना, कोल्हान, पलामू। झारखंड में 34 अनुमंडल है।



निष्कर्ष- नए राज्य के निर्माण से यहां के लोग अत्यंत सुखी हैं। इस प्रदेश में अनेक संभावनाएं हैं। झारखंड राज्य बने लगभग 19 वर्ष बीत चुके हैं किंतु अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है क्योंकि यहां के लोग जागरूक नहीं हैं।

आशा है कि आप को यह पोस्ट पसंद आया होगा और आपको झारखंड पर निबंध भी पसंद आया होगा।
इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

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